
श्री गुरू जम्भेश्वर मन्दिर सोनडी बाड़मेर
श्री गुरू जम्भेश्वर मन्दिर सोनडी बाड़मेर जिला मुख्यालय से 100 किलोमीटर दुर यहाँ वर्ष मैं तीन बार मेला भरता है ! फाल्गुन , चैत्र , व भाद्रपद की अमावस्या को ! ये मालाणी बाहुल्य का सबसे बड़ा मन्दिर है
धर्म प्रकाश
धर्म प्रकाश

श्री गुरू जम्भेश्वर मन्दिर सोनडी बाड़मेर जिला मुख्यालय से 100 किलोमीटर दुर यहाँ वर्ष मैं तीन बार मेला भरता है ! फाल्गुन , चैत्र , व भाद्रपद की अमावस्या को ! ये मालाणी बाहुल्य का सबसे बड़ा मन्दिर है

Address: NH 10, Radha Bazar, Mehta Nagar, Hisar, Haryana 125001

🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻 *जे म्हां सूता रैन बिहावै* एक समय की बात है कि कूनौज वासी कई बिश्नोई गुरु जंभेश्वर के पास समराथल आये और एक मखमली बिछौना गुरु महाराज को भेंट किया तथा कहा कि यह इतना मुलायम है कि इस पर सोने से,ऐसी गहरी नींद आयेगी कि आप जल्दी से जाग भी नहीं पायेंगे।श्रद्धालु भक्तों की भोली बात सुन गुरु महाराज ने उन्हें यह शब्द कहा:- *जे म्हां सुता रैण बिहावै बरते बिम्बा बारुं* हे भोले भक्तों!यदि हम सो जावें…

🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻 *भल पाखंडी पाखंड मंडा* एक दूर देश का रहने वाला साधु,जाम्भोजी की महिमा सुन बीकानेर राज्य का ठिकाना पूछता हुआ,पीपासर के पास धुंपालिये गाँव पहुँचा।जब उक्त साधु ने उस गाँव में जाम्भोजी का पता ठिकाना पूछा, तो एक महिला ने बताया कि वे कोई देव पुरुष नहीं है, बल्कि एक पाखंडी है।महिला की बात सुन वह दूर देश का वासी बड़ा दुखी हुआ।उस साधु की ह्रदय पीड़ा जान गुरु महाराज ने अपना आदमी भेज, उसे समराथल पर बुलाया और…

🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻 *अलख अलख तूं अलख न लखणा* पूर्वोत्तर प्रसंगानुसार! जब उस आगंतुक साधु ने गुरु जंभेश्वर महाराज से शब्द सुना तो उसे जाम्भोजी के विषय में ज्ञान हुआ तथा उसने उस ग्रामीण महिला के प्रति कुछ कटु शब्द कहे,तब गुरु महाराज ने उसे कड़वे शब्द न बोलने के लिए तथा ब्रह्म की एकता एवं अद्वेतता के संबंध में यह शब्द कहा:- *अलख अलख तू अलख न लखना मेरा अनन्त इलोलूं।* हे भक्त! तुम बड़े भोले हो। अलख,अलख है,उसे कोई कैसे…

🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻 *जो नर घोडे चढै पाघ न बांधै* एक बार समराथल धोरे पर विराजमान जाम्भोजी से संत मंडली के लोगों ने योग तथा ज्ञान के विषय में जानने की जिज्ञासा प्रकट की। गुरु महाराज ने अत्यंत प्रसन्न भाव से समझाया कि शुभ कर्म करने तथा हरीभजन से जब मनुष्य का काम, क्रोध एवं अहंकार नष्ट होता है तभी उसे ज्ञान की प्राप्ति होती है।इसी संदर्भ में श्री जंभेश्वर महाराज ने यह शब्द कहा:- *जोर नर घोड़े चढ़े पाग न बांधे…

🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻 *मूंड मुंडायो,मन न मुंडायो* समराथल धोरे पर संत मंडली के साथ बैठे एक सन्यासी ने गुरु जंभेश्वर महाराज से कहा कि उसने अपनी दाढ़ी मूंछ एवं सिर मुंडवा लिया है। सिर मुंडाने के बाद हर व्यक्ति योगी हो जाता है,तब उसे और क्या कुछ करने की आवश्यकता रह गई है? सन्यासी की बात सुन, गुरु महाराज ने यह शब्द कहा:- *मूंड मुंडायौ मन न मुंडायो मोह अबखल दिल लोभी* हे साधु ! तुमने मूँड तो मुँडाया परन्तु अपने मन…

🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻 *भोम भली कृषाण भी भला* गाँव जेतसर का जोधा नाम का एक जाट था। उसने कभी कोई शुभ कर्म नहीं किया, परंतु एक बार गर्मी के मौसम में उसने भूखे प्यासे कई साधु जनों को देखा। वह उन्हें अपने घर ले गया। जोधा ने साधुओं की अच्छी प्रकार सेवा टहल की, ठंडा पानी पिलाया ,अच्छा खाना खिलाया, ठंडी छाया, आराम करवाया। केवल एक दिन के साधु सत्कार से,उसके पूर्व जन्मों के सारे पाप नष्ट हो गये। उसका जीवन धर्ममय…

+(91)-11-23818898 Upper Bela Road, Ring Road, Civil Lines, Delhi – 110054, Near IP College & Drdo Office

🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻 *जुग जागो,जुग जाग पिरांणी* एक समय समराथल पर विराजमान संत मंडली ने गुरु जंभेश्वर महाराज से प्रार्थना की कि वे उन्हें ऐसा ज्ञानोपदेश दें ताकि उनके ज्ञानचक्षु खुल जावें और वे मृत्यु भय से मुक्त होकर इस संसार सागर से पार जा सके। भक्तों की जिज्ञासा जान गुरु महाराज ने यह शब्द कहा:- *जुग जागो जूग जाग पिंराणी कांय* *जागंता सोवो* हे प्राणी!यह जागने की घड़ी है। देखो सारा जुग जाग रहा है। इस कली काल में जब और…

संजीव कुमार मोगा बिश्नोई (एंड्राइड एंड वेब डेवलपर) गाँव झलनियां ,फतेहाबाद ,हरियाणा ,भारत मोबाइल नंबर : 9780377429 (Whatsapp),9518013121

🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻 *जा का उंमग्या स माघूं* एक समय बीकानेर के राव लूणकरण ने युद्ध भूमि में अपनी जीत हार के विषय में प्रश्न पूछा।गुरु जंभेश्वर भगवान ने उसे यह समझाते हुए कि संसार को लड़ाई में जीतने में कुछ प्राप्त नहीं होता। सच्चा वीर वही है,जिसने अपने मन को जीत लिया है। मन को जीतने वाला अमरलोक का स्वामी बनता है। इसी भाव को स्पष्ट करते हुए गुरु महाराज ने राव लूणकरण के प्रति यह शब्द कहा:- *जांका उमंग्या समाधुं…