
दूर से दोस्ती, दिल से दूरी -क्या सच में हम एक हैं?
ना काहू से दोस्ती, ना काहू से बैर—लेकिन समाजहित में सवाल जरूर उठेंगे। सादर निवण प्रणाम जी, 542वाँ बिश्नोई धर्म स्थापना दिवस हमारे लिए सामान्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि दीपावली जैसे पवित्र उत्सव का दिन है। गुरु जम्भेश्वर भगवान ने 29 नियम, शब्दवाणी, जीव रक्षा, पर्यावरण संरक्षण, नशामुक्ति, सदाचार और मानव कल्याण का जो मार्ग दिखाया, वह आज और भी अधिक प्रासंगिक है। लेकिन फतेहाबाद जैसे बिश्नोई समाज के मजबूत क्षेत्र में इतने महत्वपूर्ण आयोजन में समाज की अपेक्षा के अनुरूप…










