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राष्ट्रीय वन शहीद दिवस (National Forest Martyrs Day) भारत में हर साल 11 सितंबर को मनाया जाता है। यह दिन उन वन रक्षकों, रेंजरों और स्थानीय समुदायों को सम्मानित करने के लिए समर्पित है जिन्होंने जंगलों और वन्यजीवों की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी।
इतिहास और महत्व
- खेजड़ली का नरसंहार: यह दिन 11 सितंबर 1730 को राजस्थान के खेजड़ली गाँव में हुई एक ऐतिहासिक और दुखद घटना की याद दिलाता है।
- अमृता देवी का बलिदान: जोधपुर के महाराजा के आदेश पर काटे जा रहे पवित्र खेजड़ी के पेड़ों को बचाने के लिए अमृता देवी बिश्नोई और बिश्नोई समुदाय के 362 अन्य लोगों ने अपने सिर कटवा दिए थे।
- आधिकारिक मान्यता: पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने साल 2013 में आधिकारिक तौर पर 11 सितंबर को इस दिवस के रूप में घोषित किया था।
- महत्व: यह दिन आधुनिक वन संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति हमारे कर्तव्यों की याद दिलाता है।
आज की खबरों में
https://www.tribuneindia.com/news/exam-mentor/long-before-chipko-the-bishnoi-sacrifice-at-khejarli
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