
शब्द 59
🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻 *पढि कागल वेदूं सासतर शब्दूं* जमाती लोगों ने गुरु जांभोजी महाराज से पूर्व शब्द में यह जानकर कि किस युग में कितने लोग बैकुंठ धाम पहुंचे,पुनः प्रश्न किया कि वेद शास्त्र पढ़ने,सुनने एवं उनका चिंतन करने का का क्या महत्व है?गुरु महाराज ने जमाती भक्तों की जिज्ञासा जान उन्हें यह शब्द कहा:- *पढ़ कागल वेदूं शास्त्र सबदूं भूला भूले झंख्या आलू* हे जिज्ञासु। विभिन्न पुस्तकों का पढ़ना,वेद शास्त्रों का ज्ञान प्राप्त करना,शब्दों का पाठ करना, ये सब तब तक…














