
शब्द नं 64
मैं कर भुला माण्ड पिराणी शब्द की शेष व्याख्या से आगे जीवर पिंड बिछोवो होयसी ता दिन दाम दुगाणी जिस दिन यह जीव इस शरीर से बिछुड़ जाएगा,उस दिन यह सारा सांसारिक धन वैभव इसके लिए पराया हो जाएगा।आज जिन संबंधियों एवं धन-दौलत पर इसका विश्वास टिका हुआ है,उस दिन ये सब इसके रती-पाई भी काम नहीं आएँगे। आड न पैकों रति बिसोवो सीजे नाही ओ पिंड काम न काजू उस माया से पाई भर या रति भर भी मदद…












