
शब्द नं 73
हरि कंकहडी मंडप मेडी़ एक समय एक बिश्नोई भक्त ने समराथल पर आकर गुरु जंभेश्वर महाराज से कहा कि उसने एक ऐसा योगी देखा है जो पत्थर की एक बहुत बड़ी सिला को हिला देता है। गुरु महाराज बतलावे कि…
धर्म प्रकाश
धर्म प्रकाश

हरि कंकहडी मंडप मेडी़ एक समय एक बिश्नोई भक्त ने समराथल पर आकर गुरु जंभेश्वर महाराज से कहा कि उसने एक ऐसा योगी देखा है जो पत्थर की एक बहुत बड़ी सिला को हिला देता है। गुरु महाराज बतलावे कि…

कडवा खारा भोजन भखले एक बार बालनाथ और कंवलनाथ नाम के दो नाथ पंथी योगियों ने एक गांव में अपनी सिद्धि के बल पर अनेक चमत्कार दिखाये। उन्होंने एक स्त्री की प्रेत बाधा दूर की, गृहस्वामी ने प्रसन्न होकर जब…

🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻 *जोगी रे.तू जुगत पिछाणी* एक समय अजमेर के मल्लूखान ने जाम्भोजी से कहा कि उनकी किताब में मांस खाने की मनाही नहीं है।मोहम्मद साहब ने भी माँस खाना वर्जित नहीं माना है। मांस खाने की बात सुन गुरु महाराज…

🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻 *तन मन धोईये -संजम होइये* अजमेर के मल्लूखान ने जाम्भोजी से निवेदन किया कि जब से वह उनके बताए रास्ते पर चलने लगा है,तब से उसका जीवन और ज्यादा दुखी हो गया है और दूसरी तरफ अच्छे कर्मों की…

🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻 *भूला लो भल भूला लो* एक समय बाल नाथ योगी ने जाम्भोजी के सन्मुख अपनी जिज्ञासा प्रकट की कि जो लोग भैरुंजी और जोगनियों का जाप करते हैं,उन्हें पूजते हैं।ऐसे भैरुं भक्तों को किन फलों की प्राप्ति होती है?बाल…

🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻 *नवै पाल,नवै दरवाजा* श्री बालनाथ जोगी ने गुरु जंभेश्वर से योग साधना एवं उसके प्रभाव के विषय में जानना चाहा।जोगी की जिज्ञासा जान गुरु महाराज ने उसे यह शब्द कहा:- *नवै पोल नवै दरवाजा अहुंठ कोड़रू* *रायजड़ी* हे मन…

🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻 *बारा पोल-नवै दरसाजी* श्री बालनाथ योगी ने पुनः गुरु जांभोजी से कहा कि योग साधना से जोगी की उम्र बढ़ती है और निर्वाण प्राप्त होता है तथा इस बात की पुष्टि मार्कंडेय पुराण से होती है।जिसने प्राणायाम द्वारा साँस…

🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻 *जे म्हां सूता रैन बिहावै* एक समय की बात है कि कूनौज वासी कई बिश्नोई गुरु जंभेश्वर के पास समराथल आये और एक मखमली बिछौना गुरु महाराज को भेंट किया तथा कहा कि यह इतना मुलायम है कि इस…

🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻 *भल पाखंडी पाखंड मंडा* एक दूर देश का रहने वाला साधु,जाम्भोजी की महिमा सुन बीकानेर राज्य का ठिकाना पूछता हुआ,पीपासर के पास धुंपालिये गाँव पहुँचा।जब उक्त साधु ने उस गाँव में जाम्भोजी का पता ठिकाना पूछा, तो एक महिला…

🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻 *अलख अलख तूं अलख न लखणा* पूर्वोत्तर प्रसंगानुसार! जब उस आगंतुक साधु ने गुरु जंभेश्वर महाराज से शब्द सुना तो उसे जाम्भोजी के विषय में ज्ञान हुआ तथा उसने उस ग्रामीण महिला के प्रति कुछ कटु शब्द कहे,तब गुरु…

🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻 *जो नर घोडे चढै पाघ न बांधै* एक बार समराथल धोरे पर विराजमान जाम्भोजी से संत मंडली के लोगों ने योग तथा ज्ञान के विषय में जानने की जिज्ञासा प्रकट की। गुरु महाराज ने अत्यंत प्रसन्न भाव से समझाया…

🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻 *मूंड मुंडायो,मन न मुंडायो* समराथल धोरे पर संत मंडली के साथ बैठे एक सन्यासी ने गुरु जंभेश्वर महाराज से कहा कि उसने अपनी दाढ़ी मूंछ एवं सिर मुंडवा लिया है। सिर मुंडाने के बाद हर व्यक्ति योगी हो जाता…