
शब्द नं 109
🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻 देखत भूली को मन मानै पूर्व प्रसंगानुसार हरिद्वार से आने वाली उस साधु जमात के उस योगी ने श्री जंभेश्वर महाराज द्वारा कहा हुआ पूर्व शब्द सुना तो उसने कहा कि योगासाधना द्वारा जिस ब्रह्मानंद को प्राप्त करने के…
धर्म प्रकाश
धर्म प्रकाश

🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻 देखत भूली को मन मानै पूर्व प्रसंगानुसार हरिद्वार से आने वाली उस साधु जमात के उस योगी ने श्री जंभेश्वर महाराज द्वारा कहा हुआ पूर्व शब्द सुना तो उसने कहा कि योगासाधना द्वारा जिस ब्रह्मानंद को प्राप्त करने के…

🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻 मथुरा नगर की रानी होती जिस समय फलोदी के पास जाम्भोलाव तालाब का खनन हो रहा था,उस समय जमातीजनों ने एक गधी को दिखाकर गुरु जंभेश्वर महाराज से जानना चाहा कि इसने पूर्व जन्म में ऐसे क्या पाप कर्म…

🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻 खरड़ ओढीजै तूंबा जीमीजै एक बार चित्तौड़ की झाली रानी गुरु जंभेश्वर महाराज के दर्शनार्थ,चित्तौड़ से समराथल, खींदासर,जैसलां,झीझाले, भीयासर आदि प्रमुख साथरियों में होती हुई जाम्भोलाव तालाब पर पहुँची। वहाँ गुरु जंभेश्वर महाराज उस समय विराजमान थे।झाली रानी ने…

🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻 जके पंथ का भाजणां मलेर कोटले का सेख- सदूखान नित्य सौ गायें मरवाता था।गुरु जंभेश्वर महाराज ने उस कुकृत्य को बंद करवाने के लिए अपने भक्त बाजेजी को मलेर कोटला भेजा। गुरु महाराज की मंत्र शक्ति के बल से…

“दोहा” मुला सधारी यूं कहै, महंमद ही फुरमान। रोजे रखे निवाज पढ़े, बंदगी करै साहब तेहि मान सबद 112 को सुनकर मुल्ला कहने लगा — आप ऐसी बातें क्यों कहते हैं जिससे हमको दुःख होता हैं हम तो मुहम्मद साहब…

🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻 सुर नर तणौ संदेशों आयौ एक समय समराथल धोरे पर श्री जंभेश्वर महाराज के पास सेखा जाट और उसके कई साथी आये। उन्होंने गुरु महाराज की वंदना करने के पश्चात कहा कि ये जंगल में रहने वाले भोले-भाले किसान…

🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻 म्हे आप गरीबी तन गूदडियो एक समय एक नाथपंथी जोगी श्री जंभेश्वर महाराज के पास आया और उनके सीधे-सादे पहनावे और अति शांत स्वरूप को देखा तो,उसने हाथ जोड़कर कहा कि आप अवतारी पुरुष होकर भी इस प्रकार की…

🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻 आयसां मृगछाला पावोडी कायं फिरावो एक समय बहुत से नाथ योगी मृगीनाथ के नेतृत्व में गुरू जंभेश्वर महाराज के पास समराथल पर उनकी परीक्षा करने आये।मृगीनाथ ने अपने तंत्र- बल के आधार पर मृग छाला और पावोड़ी को ऊपर…

🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻 टुका पाया मगर मचाया कनफाडे़ नाथपंथी जोगियों की जमात को जब श्री जंभेश्वर महाराज ने योग सिद्धि के चमत्कार दिखाना, योग का उद्देश्य न बतलाकर पेट पालने का पाखंड और बाजीगरी बतलाया, तब मृगीनाथ ने पुनः कहाकि वे कोई…

🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻 सुरगां हूंता स्वयंभू आयौ पूर्व जन्म का एक तपस्वी कारणवश पुनः मनुष्य के रूप में उत्पन्न हुआ। उसे अपने पूर्व जन्म में घटित वह घटना याद रही, जिसके कारण उसे पुनः जन्म धारण करना पड़ा। अतः वह जन्म से…

🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻 विसन विसन तू भण रे प्राणी एक समय संत ऊदे, अतली ने गुरु महाराज से यह जिज्ञासा प्रकट की कि उनके अपने शरीर पर पूर्व जन्मों में किए हुए पापों का जो इतना अधिक भार है वह कैसे उतरेगा?…

विसन विसन तूं भण रे प्राणी इस जीवन के हावै रत्ना राहड नाम का व्यक्ति गाँव जाँगलू का रहने वाला था। उसने अपना जीवन अतिथियों एवं साधु संतों की सेवा में लगा रखा था। एक बार वह गुरु जंभेश्वर के…