
शब्द नं 73
हरि कंकहडी मंडप मेडी़ एक समय एक बिश्नोई भक्त ने समराथल पर आकर गुरु जंभेश्वर महाराज से कहा कि उसने एक ऐसा योगी देखा है जो पत्थर की एक बहुत बड़ी सिला को हिला देता है। गुरु महाराज बतलावे कि उसके पास इतनी ताकत एंव करामात कहां से आई ? वह कितना बड़ा योगी है? आगंतुक का प्रसन्न जान जाम्भोजी ने उसे यह शब्द कहा:- हरी कंकैड़ी मंडप मैड़ी जहां हमारा वासा हे जिज्ञासु! तुम देख रही हो यह हरा…

शब्द नं 74
कडवा खारा भोजन भखले एक बार बालनाथ और कंवलनाथ नाम के दो नाथ पंथी योगियों ने एक गांव में अपनी सिद्धि के बल पर अनेक चमत्कार दिखाये। उन्होंने एक स्त्री की प्रेत बाधा दूर की, गृहस्वामी ने प्रसन्न होकर जब उन्हें खाने के लिए खीर का भोजन परोसा,तो परोसते समय अचानक खीर नीचे जमीन पर गिर गई ।लोगों ने इसे प्रेतों का चमत्कार समझ और उसी विषय में एक भगत ने समराथल पर गुरु महाराज से जानना चाहा कि इसमें…

खिलते पुष्प : शुभम विश्नोई
दुनिया के टाप 50 सीएमए में शुभम विश्नोई उत्तर प्रदेश के जिला-बिजनौर के शहर-धामपुर के निवासी श्री सुशील कुमार विश्नोई के सुपुत्र “शुभम विश्नोई” नें दुनिया में CA के लिए विशेष मायने रखने वाली सीएमए (सर्टिफाइड मैनेजमेंट अकाउंटेंसी) परीक्षा को उत्तीर्ण किया है। इसमें चयनित टाँप 50 में शुभम विश्नोई का भी नाम शामिल है। शुभम विश्नोई नें दिल्ली यूनिवर्सिटी से CA की पढाई करी है। साथ ही हाल ही में IMA USA की CMA परीक्षा में भारत मे गिने…

शब्द 75
🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻 *जोगी रे.तू जुगत पिछाणी* एक समय अजमेर के मल्लूखान ने जाम्भोजी से कहा कि उनकी किताब में मांस खाने की मनाही नहीं है।मोहम्मद साहब ने भी माँस खाना वर्जित नहीं माना है। मांस खाने की बात सुन गुरु महाराज ने उपस्थित मंडली के योगियों,काजियों एंव मल्लूखान के प्रति यस शब्द कहा:- *जोगी रे तूं जुगत पिछांणी काजी रे तूं कलम कुराणी* हे योगी!तुम योग की विधि और उसका रहस्य समझो।योग का अर्थ है व्यक्ति चेतना को परम चेतना से…

खिलते पुष्प : लक्ष्मी बिश्नोई
अनिल भाम्भू जी की कलम से मगांली गाँव की चार होनहार खिलाड़ी जिन्होंने तिरअदांजी व फुटबॉल में एक अलग मुकाम हासिल किया ओर अब इन का सशस्त्र सीमा बल में चयन हुआ है।इस उपलब्धि पर पुरे गाँव में खुशी का माहौल। सभी गाँव वासीयो की तरफ से इन सब को बहुत बहुत बधाई।।

खिलते पुष्प : सुमन बिश्नोई
जीत के लिए शुभकामनायें पिछले साल हाॅकी में स्वर्ण पदक जीतने वाली सुमन बिशनोई इस बार भी भारतीय टीम का नेतृत्व करने मलेशिया पहुँच चुकी है । सुमन बिश्नोई मूलतः नाढोड़ी से है । पिछली बार की तरह इस बार भी स्वर्ण पदक जीत भारत देश व बिश्नोई पन्थ का नाम रोशन करे ।

खिलते पुष्प : किरण बिश्नोई
किरण बिश्नोई सुपुत्री श्री कुलदीप जी गोदारा किरण बिश्नोई सुपुत्री श्री कुलदीप जी गोदारा ने दक्षिण अफ्रीका के जोहानसबर्ग में चल रही राष्ट्रमंडल कुश्ती प्रतियोगिता में 72 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीता। Bishnoism – An Eco Dharma पेज के संचालक मंडल की ओर से हार्दिक बधाई एवं उज्जवल भविष्य की अग्रिम शुभकामनाएं। परिचय नाना की पहलवानी के किस्से सुन किरण ने सीखे दांव घरवालों का इनकार, पर नाना ने दंगल में उतारा मैं दसवीं में थी तो कुश्ती लड़ने की…

जाम्भोजी जन्म कथा
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सुगरा प्रथा क्या है?
Renu Bishnoi किसी अन्य मत/सम्प्रदाय/पंथ/धर्म के अनुयायीयों को अपने मत/सम्प्रदाय में दीक्षित करने की परम्परा को नाम-दीक्षा, नाम-दान, नाम-लेना आदि के नाम से जाना जाता है। इस प्रक्रिया में एक गुप्त नाम/मंत्र किसी डेरे, आश्रम, मठ, पीठ आदि से संबंधित डेरा प्रमुख, धर्म-गुरु, महंत, पीठाधीष आदि द्वारा उस व्यक्ति को दिया जाकर अपने पंथ में शामिल कर लिया जाता है । और इस विधि से दीक्षित वह व्यक्ति अपने पूर्व मत के धर्म सिद्धान्तों का परित्याग कर उस नवीन मत…

जाम्भाणी संत सूक्ति
परमानन्दजी वणियाल जो करता सोइ भोग्यता, आडो आवत सोय। अपणौ कीयो भोगवै, हरि कूं दोस न कोय। भावार्थ जीव जैसा कर्म करता है वैसा ही उसे फल मिलता है, अपने बुरे कर्मों का फल भोगते समय भगवान को दोष नहीं देना चाहिए।

🌺 जाम्भाणी संत सूक्ति 🌺
परमानन्दजी वणियाल विष वेली अपणै कर वाहै,इम्रत फल कैसे पाई।करै जका लेखा हरि मांगै,जदि जीवड़ो पछताई भावार्थ अपने हाथ से जहर की बेल बोई है तो उसके अमृत फल कहां से लगेंगे।जीवन भर पापकर्मों में रत रहने के बाद मरणोपरांत सद्गति की इच्छा करना बेकार है।किये हुए कर्मों का हिसाब जब भगवान लेता है तो पापी जीव बहुत पछताता है।

प्रकाश बिश्नोई को गोल्ड मैडल
यह रंग यूँ ही नहीं है हवाओं में घुले है इसमें मेहनत के मोती भी…. हौसला जब आसमां सा हो तो शिखर को छूआ जा सकता है। इसी हौसले , लग्न और निष्ठा के बूते सूर्यनगरी जोधपुर के एकलखोरी गाँव के निवासी प्रकाश बिश्नोई ने जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय जोधपुर से बी ए ( ओनर्स) इतिहास में पहली वरीयता हासिल की। उनकी इस उपलब्धि पर जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय जोधपुर के 15 वें दीक्षान्त समारोह में उन्हें गोल्ड मैडल दिया गया। उन्हें…



