
खिलते पुष्प : सुशील बिश्नोई
खिलते पुष्प सुशील बिश्नोई को 631वीं रैंक, पढ़ाने के लिए मां ने गहने बेचे, सिलाई का काम किया मां के साथ सुशील सुशील बिश्नोई ने जेईई में जनरल कैटेगरी में 631वीं रैंक हासिल की है। सुशील दो साल का था, उस वक्त पिता घर छोड़कर चले गए थे। तीन भाइयों की जिम्मेदारी मां सुमन देवी पर आ गईं। सुशील को पढ़ाने के लिए मां के पास फीस नहीं थी। उसकी मां उसे सीकर लेकर आई। तब 11वीं में दाखिला दिलाने…

कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 में ब्रॉन्ज मेडल विजेता हिसार की पहलवान किरण बिश्नोई
भारत के राष्ट्रपति श्री रामनाथ जी कोविंद ने और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 में ब्रॉन्ज मेडल विजेता हिसार की पहलवान किरण बिश्नोई को बधाई दी

IAS Vijaypal : Congratulations
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समाज के सितारे
भारतीय प्रशासनिक सेवा (UPSC – 2017) के परीक्षा परिणाम आज शाम घोषित हुए, जिसमें दो बिश्नोई युवा रेगिस्तान के धोरीमन्ना से आईपीएस कृष्ण कुमार खिलेरी (रैंक – 174) और जांगलू गांव निवासी आईएएस विजयपाल बिश्नोई (रैंक – 290) ने सफलता हासिल की। शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता हासिल कर समाज को गौरवान्वित करने वाले इन युवा साथियों को Bishnoism – An Eco Dharma की पूरी टीम की ओर से इनको…





IAS डाँ. सीमा बिश्नोई
IAS मेँ चयन साचौर कि लाडली डाँ. सीमा बिश्नोई को बहुत बहुत बधाई। आप भी बधाई दीजियेगा सीमा जी को। . भारतीय प्रशासनिक सेवा आई ऐ एस का परिणाम गुरुवार को घोषित हुआ। बिश्नोई का चयन होने से खु:शी लहर हैं ,सिणधरी ब्लाँक में आड़ेल के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में नियुक्त डाँ सीमा बिश्नोई ने आईएएस मैन के परिणामों में 580 रैंक हासिल की है। डाॅ. बिश्नोई के पति डाॅ. कुणाल बिश्नोई भी चिकित्सा विभाग में नियुक्त हैं और वे…

शुक्लहंस शब्द नं 67
श्री गढ़ आल मोत पुर पाटण दूणपुर गाँव का वासी मोती मेघवाल और उसकी पत्नी दोनों बिश्नोई बन गए। उन्होंने चमार का काम छोड़ दिया। वे साधुओं जैसा जीवन जीने लगे। ग्राम ठाकुर बीदा जोधावत को मोती का वह व्यवहार बहुत बुरा लगा। ठाकुर ने मोती को बुलाकर उसे कैद में डालने का हुक्म दिया तथा कहा कि वह अपने इष्टदेव से मदद लेना चाहे तो उसे चार पहर की छूट दी जाती है ।उस संकट की घड़ी में मोती…


शब्द नं 68
बै कंवराई अनंत बधाई बीकानेर के राव लूणकरण ने गुरु जांभोजी की स्तुति की ओर जैसे ही चरण स्पर्श हो चुके, जाम्भोजी ने अपना हाथ उनके सिर पर रख कर उन्हें आशीर्वाद दिया।उसी समय राव का पुत्र पास ही अपना घोडा फेर रहा था तथा अनेक प्रकार के अश्वसंचालन के कौशल दिखा रहा था।उसे देख कर जमाती लोगों ने कुंवर की बड़ी प्रशंसा की तथा उन्होंने जब कहा कि ऐसा अश्व चालक और कोई नहीं देखा। राजकुंवर के अहंकार को…



