
शब्द नं 112
🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻 जके पंथ का भाजणां मलेर कोटले का सेख- सदूखान नित्य सौ गायें मरवाता था।गुरु जंभेश्वर महाराज ने उस कुकृत्य को बंद करवाने के लिए अपने भक्त बाजेजी को मलेर कोटला भेजा। गुरु महाराज की मंत्र शक्ति के बल से बाजेजी ने जिस सूखे बाग में आसन लगाया,वह बाग हरा भरा हो गया। गायों की गर्दन पर कसाईयों की छुरी नहीं चली। देग का पानी गर्म नहीं हुआ।आग ठंडी हो गई। जब शेख को इन बातों का पता लगा तो…











