
संत समाज भी भाव विहृल
बिश्नोई रत्नचौधरी भजनलाल जी के निधन से बिश्नोई समाज को अपूर्णय क्षति हुई है। समाज ने एक समर्पित सेवक तथा अत्यंत कुशल राजनेता खो दिया है। चौधरी भजनलाल जी ने आधी शताब्दी तक निरंतर बिश्नोई धर्म, बिश्नोई समाज तथा राष्ट्र की अनुकरणीय सेवा की थी। उनकी आधुनिक एवं तकनीकी सोच के कारण ही गुरु जाम्भोजी की समाधि स्थली मुक्तिधाम मुकाम पर भव्यतम मंदिर का निर्माण हो पाया था। भारत देश की राजधानी दिल्ली के हृदय स्थल पर भव्य बिश्नोई धर्मशाला…




