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जाम्भाणी साहित्य अकादमी की संरक्षिका डॉ सरस्वती बिश्नोई आज इस दुनिया को अलविदा कहकर बैकुंठवास कर गए। जाम्भाणी साहित्य के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। बीकानेर की व्यास कॉलोनी में उन्होंने अपना भूखंड प्रदान करके जाम्भाणी साहित्य अकादमी भवन का निर्माण करवाया। अकादमी की विभिन्न गतिविधियों में आप सक्रिय रूप से भाग लेते थे।आपके के नेतृत्व में पहले जूने जाम्भाणी साहित्य का डिजिटलीकरण किया गया और बाद में अकादमी की स्थापना करके उस साहित्य को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया गया।सादर नमन विनम्र श्रद्धांजलि
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