
युग पुरुष चौधरी भजनलाल जी
स्वामी कृष्णानन्द आचार्य बिश्नोई मन्दिर, ऋषिकेश स्वर्गीय श्री भजनलालजी को मैं अपना श्रद्धासुमन एक कबीर के प्रसिद्ध दोहे से देना चाहता हूंकबीरा हम पैदा हुए, जग हंसे हम रोए। ऐसी करणी कर चलें, हम हसे जग रोए॥ हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी अक्षय तृतीया को चौधरी भजनलालजी एवं श्रीमती जसमां देवी जी हरिद्वार स्नान करने आये थे तब बड़े ही स्नेह से बिश्नोई मन्दिर ऋषिकेश में भी गुरु महाराज का दर्शन करने आये। बहुत ही प्रसन्नचित थे। किसी…




