
बिश्नोई रत्न चौधरी भजनलाल जी
आवागमन इस सृष्टि का शाश्वत नियम है। जिस प्रकार समुद्र से उठी लहर का समुद्र में ही विलीन होना निश्चित होता है, उसी प्रकार आत्मा का परमात्मा में और भौतिक शरीर का पंच तत्वों में विलीन होना निश्चित है। परन्तु इस धरा-धाम पर कुछ महापुरुष ऐसे भी आते हैं, जो भौतिक काया के न रहने पर भी लोगों की स्मृतियों में सदैव सजीव रहते हैं। ये महापुरुष देवदूत की भांति इस धरती पर आते हैं और दूसरों के कल्याण में…








